भीगे बादाम खाने की सलाह हर घर में दी जाती है, और अब अखरोट, किशमिश, अंजीर और खजूर को भी भिगोकर खाने की चर्चा आम है। पर क्या सचमुच ड्राई फ्रूट्स भिगोकर खाने के फायदे हैं, या यह केवल परंपरा है? विज्ञान के हिसाब से भिगोने के कुछ लाभ हैं, जैसे मेवे नरम और आसानी से पचने वाले हो जाते हैं और फाइटिक एसिड थोड़ा घटता है, पर ये लाभ उतने बड़े नहीं जितने बताए जाते हैं। इस लेख में हम बताएँगे कि कौन-से मेवे भिगोने चाहिए, कितनी देर, सही तरीका क्या है, पोषण पर वास्तविक असर क्या है, और किन्हें भिगोने की ज़रूरत नहीं। जानकारी सामान्य है, चिकित्सकीय सलाह नहीं।
संक्षिप्त उत्तर: बादाम (6 से 8 घंटे), अखरोट (4 से 6 घंटे), किशमिश और मुनक्का (4 से 6 घंटे) और अंजीर (6 से 8 घंटे) भिगोने से नरम और पचने में आसान हो जाते हैं, और फाइटिक एसिड कुछ घटता है। पोषण में बड़ा अंतर नहीं आता, इसलिए कच्चे मेवे भी ठीक हैं। भीगे मेवे उसी दिन खा लें और भिगोया पानी सावधानी से प्रयोग करें।

भिगोने से क्या बदलता है
भिगोने से मेवे पानी सोखते हैं, नरम होते हैं और उनका कसैलापन घटता है। बादाम का छिलका आसानी से उतर जाता है। मेवों और बीजों में फाइटिक एसिड (फाइटेट) होता है जो जिंक, आयरन और कैल्शियम जैसे खनिजों के अवशोषण में बाधा बन सकता है; भिगोने से यह थोड़ा घट सकता है, हालाँकि घटाव मामूली माना जाता है। एंजाइम अवरोधक भी कुछ घटते हैं। कैलोरी और अधिकांश विटामिन-खनिजों में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं आता। विस्तृत जानकारी के लिए फाइटिक एसिड और भिगोना और भीगे ड्राई फ्रूट्स के फायदे पढ़ें।
कौन-से मेवे, कितनी देर
| मेवा | भिगोने का समय | फायदा |
|---|---|---|
| बादाम | 6 से 8 घंटे | नरम, छिलका उतरता है, पचने में आसान |
| अखरोट | 4 से 6 घंटे | कसैलापन घटता है |
| किशमिश | 4 से 6 घंटे | नरम, पानी भी उपयोगी |
| मुनक्का | 4 से 6 घंटे | बीज निकालना आसान |
| अंजीर | 6 से 8 घंटे | नरम, कब्ज़ में सहायक |
| छुहारा | 4 से 6 घंटे | नरम, दूध में उबालने के लिए |
| खजूर | ज़रूरी नहीं | नरम पहले से |
पूरी सूची के लिए भिगोने का समय चार्ट देखें।
सही तरीका
- साफ़ पानी लें
मेवों को हल्का धोकर कटोरी में डालिए और इतना ही पानी लीजिए कि वे डूब जाएँ। - ढककर रखें
ज़्यादा गर्मी में कटोरी को फ्रिज में रखिए ताकि फफूँद न लगे। - सही समय पर निकालें
बादाम 6 से 8 घंटे बाद, बाकी अपने समय अनुसार; ज़्यादा देर न रखें। - पानी फेंकें या सावधानी से इस्तेमाल करें
बादाम और अखरोट का भिगोया पानी आम तौर पर फेंक देना बेहतर है; किशमिश-अंजीर का पानी पिया जा सकता है। - उसी दिन खाएँ
भीगे मेवे फ्रिज में भी एक दिन से ज़्यादा न रखें।
किन्हें भिगोने की ज़रूरत नहीं
काजू, पिस्ता, मखाना, चिलगोजा और खजूर को आम तौर पर भिगोने की ज़रूरत नहीं पड़ती। काजू को अधिक देर भिगोने से वे चिपचिपे हो सकते हैं। यदि आपको मेवे कच्चे ही पसंद हैं और वे आपको आसानी से पच जाते हैं, तो भिगोना अनिवार्य नहीं। पोषण वैज्ञानिक कहते हैं कि भिगोना वैकल्पिक है, और असली बात है कि आप मेवे नियमित रूप से खाएँ। भीगे और कच्चे में चुनाव अपनी सुविधा और पाचन के अनुसार कीजिए।
सावधानियाँ
भीगे मेवे पानी में फफूँद और बैक्टीरिया पनपने का माध्यम बन सकते हैं, इसलिए गर्मियों में फ्रिज में भिगोइए और पानी बदलिए। बहुत देर तक भिगोकर रखे मेवे खराब हो सकते हैं, खट्टी गंध आए तो फेंक दीजिए। मधुमेह वाले लोग भीगी किशमिश और खजूर की चीनी का ध्यान रखें। नट एलर्जी हो तो भिगोने से एलर्जी नहीं घटती। भीगे पानी में घुली चीनी या टैनिन के कारण कुछ लोग उसे नहीं पीते। मेवों को धोने के बारे में ड्राई फ्रूट्स धोकर कैसे खाएँ देखें।
किसे ज़्यादा फायदा
जिन्हें कच्चे मेवे सख़्त लगते हैं या गैस होती है, बुज़ुर्ग, बच्चे, कमज़ोर दाँत वाले और कब्ज़ से परेशान लोग भीगे मेवों से अधिक लाभ महसूस कर सकते हैं। नरम होने से चबाना और निगलना आसान रहता है। अंजीर और किशमिश भिगोकर लेना कब्ज़ में सहायक है; देखें कब्ज़ में ड्राई फ्रूट्स। मेवों के बारे में सामान्य जानकारी WHO स्वस्थ आहार पेज पर मिलती है। पोषण आँकड़े USDA FoodData Central पर देख सकते हैं।
भिगोने की आम गलतियाँ
कई लोग मेवों को 12 से 24 घंटे तक भिगोकर रखते हैं, जिससे वे चिपचिपे हो जाते हैं और खराब होने का खतरा बढ़ता है। कुछ लोग पूरे सप्ताह के मेवे एक साथ भिगो देते हैं, जो सुरक्षित नहीं है। गर्मियों में कमरे के तापमान पर भिगोना भी जोखिम भरा है, इसलिए फ्रिज का प्रयोग कीजिए। भिगोने के बाद मेवों को धोकर, छिलका उतारकर या सीधे खाइए। हर बार ताज़ा पानी इस्तेमाल करना और साफ़ बर्तन रखना सबसे सरल नियम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बादाम भिगोकर खाने के क्या फायदे हैं?
भिगोने से बादाम नरम हो जाते हैं, छिलका आसानी से उतरता है, कसैलापन घटता है और कई लोगों के लिए पचाना आसान हो जाता है। फाइटिक एसिड भी थोड़ा घटता है, जिससे खनिज अवशोषण में मामूली सुधार संभव है। पर पोषण और कैलोरी में बड़ा अंतर नहीं आता। इसलिए कच्चे बादाम भी उतने ही स्वस्थ हैं। भीगे बादाम 6 से 8 घंटे भिगोइए और उसी दिन खाइए। जो आपकी सुविधा और पाचन के अनुकूल हो, वही चुनिए।
अखरोट को कितनी देर भिगोना चाहिए?
अखरोट को आम तौर पर 4 से 6 घंटे भिगोना पर्याप्त है, जिससे उसका कसैलापन घटता है और वह थोड़ा नरम हो जाता है। ज़्यादा देर भिगोने से अखरोट चिपचिपा हो सकता है और जल्दी खराब भी। ओमेगा-3 वाली वसा संवेदनशील होती है, इसलिए भीगे अखरोट को उसी दिन खाइए और फ्रिज में रखिए। कई लोग अखरोट को कच्चा ही खाते हैं, जिसमें भी पूरा पोषण मिलता है। भिगोना पूरी तरह वैकल्पिक है।
क्या किशमिश का भिगोया पानी पीना चाहिए?
किशमिश को रात भर भिगोकर सुबह उसका पानी पीना लोकप्रिय घरेलू उपाय है, और कई लोगों को इससे हल्की राहत महसूस होती है, खासकर कब्ज़ में। इस पानी में थोड़ी शर्करा, पोटैशियम और घुलनशील तत्व आ जाते हैं। पर डायबिटीज़ वाले लोग इसकी चीनी का ध्यान रखें। पानी साफ़ और ताज़ा होना चाहिए। किशमिश खुद खाना अधिक फाइबर देता है। इस उपाय को चमत्कारी न मानिए, और संतुलित आहार का हिस्सा रखिए।
क्या काजू को भी भिगोना चाहिए?
काजू को खाने के लिए भिगोना ज़रूरी नहीं है। इनमें फाइटिक एसिड तुलनात्मक रूप से कम है और वे वैसे ही नरम होते हैं। पर काजू का पेस्ट या क्रीम बनाने के लिए 1 से 2 घंटे गर्म पानी में भिगोना उपयोगी है, ताकि वे आसानी से पिस सकें। अधिक देर भिगोने से वे चिपचिपे और फीके हो सकते हैं। इसलिए काजू को कच्चा या सूखा भुना ही खाइए और केवल पकाने के लिए छोटी अवधि के लिए भिगोइए।
भीगे मेवे कितने समय तक रख सकते हैं?
भीगे मेवे उसी दिन खा लेना सबसे अच्छा है। यदि बचे हों तो साफ़ बर्तन में ढककर फ्रिज में रखिए और अधिकतम 24 घंटे में खा लीजिए। कमरे के तापमान पर, खासकर गर्मियों में, भीगे मेवे जल्दी फफूँद या खट्टापन विकसित कर सकते हैं। यदि मेवों में खट्टी गंध, चिपचिपापन या रंग परिवर्तन दिखे तो उन्हें न खाइए। भिगोने के बाद सुखाकर रखने की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि वे जल्दी खराब होते हैं।
क्या भिगोने से मेवों की कैलोरी घटती है?
नहीं, भिगोने से मेवों की कैलोरी में कोई उल्लेखनीय अंतर नहीं आता। भीगे मेवे पानी सोखकर भारी हो जाते हैं, इसलिए यदि आप तौलकर खाते हैं तो भीगे मेवों का वज़न अधिक होगा, पर उसमें कैलोरी नहीं बढ़ती। इसलिए संख्या गिनकर खाइए। वज़न घटाने के लिए मेवे भिगोने का कोई विशेष लाभ नहीं है, हालाँकि नरम होने से वे धीरे चबाए जाते हैं और तृप्ति देने में मदद कर सकते हैं।
निष्कर्ष
ड्राई फ्रूट्स भिगोकर खाने के कुछ फायदे हैं, जैसे नरमी, आसान पाचन और थोड़ा कम फाइटिक एसिड, पर पोषण में बड़ा अंतर नहीं। अपनी सुविधा के अनुसार भिगोइए या कच्चे खाइए, सही समय रखिए और भीगे मेवे उसी दिन खा लीजिए।
