बादाम दूध भारतीय घरों में बच्चों को ताकत देने, सर्दियों में शरीर को गर्माहट देने और मेहमानों के स्वागत के लिए सदियों से बनाया जाता है। इसका स्वाद केसर, इलायची और बादाम की खुशबू से और खास बन जाता है। बादाम दूध रेसिपी बनाना आसान है, पर कुछ बातों का ध्यान रखने से दूध अधिक चिकना, सुगंधित और बिना दानेदार बनता है: बादाम को भिगोकर छिलका उतारना, बारीक पीसना और दूध में धीमी आँच पर पकाना। इस लेख में हम सामग्री की सटीक नाप, चरण-दर-चरण विधि, बादाम पाउडर पहले से बनाकर रखने का तरीका, गर्म और ठंडे संस्करण, चीनी कम करने के विकल्प, पोषण, सावधानियाँ और भंडारण बताएँगे। रेसिपी 2 गिलास के लिए है और लगभग 20 मिनट में तैयार हो जाती है।
संक्षिप्त उत्तर: भीगे और छिले हुए बादाम को थोड़े दूध के साथ बारीक पीसिए, पेस्ट को उबलते दूध में मिलाकर 5 से 7 मिनट पकाइए, फिर चीनी (या खजूर), केसर और इलायची डालिए। 2 गिलास बनते हैं, प्रति गिलास लगभग 230 से 260 कैलोरी। सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडा परोसिए। बादाम पाउडर बनाकर रखने से समय बचता है।

सामग्री
| सामग्री | मात्रा | टिप्पणी |
|---|---|---|
| दूध | 2 कप (400 मिली) | फुल क्रीम या टोंड |
| बादाम | 10 से 12 | रात भर भिगोए, छिले |
| चीनी या खजूर पेस्ट | 2 से 3 बड़े चम्मच | स्वादानुसार |
| केसर | 6 से 8 धागे | गर्म दूध में भिगोए |
| इलायची पाउडर | 1/4 चम्मच | सुगंध |
| पिस्ता | सजावट के लिए | कटे |
एक और रेसिपी के लिए बादाम दूध रेसिपी देखें। बादाम के प्रकार के लिए बादाम के प्रकार पढ़ें।
बनाने की विधि
- बादाम भिगोएँ और छीलें
बादाम को रात भर या 6 से 8 घंटे भिगोइए और छिलका उतारिए। - पीसें
बादाम को 1/4 कप दूध के साथ बारीक पेस्ट होने तक पीसिए। - दूध उबालें
बचे दूध को उबालकर धीमी आँच पर रखिए। - पेस्ट मिलाएँ
बादाम पेस्ट दूध में डालकर लगातार चलाते हुए 5 से 7 मिनट पकाइए। - स्वाद दें
चीनी या खजूर पेस्ट, केसर और इलायची डालकर 2 मिनट और पकाइए। - परोसें
गर्म या फ्रिज में ठंडा करके कटे पिस्ता से सजाकर परोसिए।
बादाम पाउडर पहले से बनाकर रखें
जल्दी में बादाम दूध बनाने के लिए बादाम पाउडर तैयार कर लीजिए: 1 कप बादाम, 2 बड़े चम्मच सौंफ, 8 इलायची, 10 केसर के धागे और 2 बड़े चम्मच चीनी या खजूर पाउडर को हल्का भूनकर बारीक पीसिए। इसे हवाबंद डिब्बे में फ्रिज में 2 से 3 सप्ताह रखा जा सकता है। उपयोग के लिए एक गिलास गर्म दूध में 1 से 2 चम्मच पाउडर मिलाकर 2 मिनट उबालिए। यह बच्चों और यात्रा के लिए बहुत सुविधाजनक तरीका है।
चिकना दूध बनाने के सुझाव
- बादाम का छिलका उतारना ज़रूरी है, वरना दूध दानेदार और भूरा-सा दिखता है।
- पेस्ट बारीक पीसिए या दो बार पीसिए।
- धीमी आँच पर लगातार चलाइए ताकि पेस्ट नीचे न चिपके और दूध न फटे।
- ठंडा बादाम दूध बनाना हो तो पकाने के बाद पूरी तरह ठंडा करके फ्रिज में रखिए।
- मिठास के लिए खजूर का पेस्ट एक अच्छा विकल्प है।
और पेय विचार: ड्राई फ्रूट मिल्कशेक और घर पर बादाम और काजू का दूध।
पोषण और सावधानी
एक गिलास बादाम दूध (200 मिली) में लगभग 230 से 260 कैलोरी, 9 से 10 ग्राम प्रोटीन और दूध से कैल्शियम मिलता है। बादाम से विटामिन E और मैग्नीशियम आता है; देखें NIH विटामिन E फैक्ट शीट। चीनी से कैलोरी बढ़ती है, इसलिए कम चीनी या खजूर रखिए। नट या दूध एलर्जी वाले इसे न पिएँ। डायबिटीज़ वाले चीनी हटाकर और डॉक्टर की सलाह से लें। बादाम की मात्रा के लिए रोज़ कितने बादाम खाने चाहिए पढ़ें। पोषण आँकड़े USDA FoodData Central पर।
भंडारण
तैयार बादाम दूध को ठंडा करके फ्रिज में ढककर 24 घंटे में पी लीजिए; हिलाकर पीजिए क्योंकि बादाम नीचे बैठ जाते हैं। कमरे के तापमान पर 1 से 2 घंटे से अधिक न रखें। बादाम पाउडर को फ्रिज में हवाबंद डिब्बे में रखिए। बादाम ताज़े होने चाहिए, बासी बादाम से दूध कड़वा लगता है; देखें बादाम का भंडारण। आहार संबंधी सामान्य जानकारी के लिए राष्ट्रीय पोषण संस्थान देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बादाम दूध में बादाम कितनी देर भिगोएँ?
बादाम दूध के लिए बादाम को आमतौर पर रात भर, यानी 6 से 8 घंटे, भिगोइए। इससे छिलका आसानी से उतर जाता है और बादाम नरम होकर बारीक पिसते हैं। यदि जल्दी हो तो बादाम को 15 से 20 मिनट उबलते पानी में भिगोकर भी छिलका उतार सकते हैं। भिगोने के बाद पानी फेंक दें। जो लोग छिलके के साथ पीसते हैं उन्हें दूध थोड़ा दानेदार और भूरा-सा मिलता है, इसलिए पारंपरिक सफ़ेद-सुनहरे दूध के लिए छिलका उतारना बेहतर है।
बादाम दूध गर्म बेहतर है या ठंडा?
दोनों के अपने लाभ हैं। सर्दियों में गर्म बादाम दूध आरामदायक और पचने में आसान लगता है, जबकि गर्मियों में फ्रिज में ठंडा करके पीना ताज़गी देता है। पोषण में कोई बड़ा अंतर नहीं होता। सोने से पहले गुनगुना बादाम दूध कई लोगों को सुकूनदायक लगता है। ठंडा दूध बनाते समय उसे पूरी तरह ठंडा करके ही फ्रिज में रखिए। जो लोग ठंडा दूध नहीं पचा पाते वे गुनगुना चुन सकते हैं। अपने स्वाद और मौसम के अनुसार चुनाव कीजिए।
बादाम दूध में दूध फट जाए तो?
बादाम दूध आमतौर पर तब फटता है जब दूध पुराना हो, बहुत अधिक आँच पर पकाया जाए या उसमें अचानक खट्टी चीज़ मिल जाए। इससे बचने के लिए ताज़ा दूध लीजिए, धीमी आँच पर लगातार चलाते हुए पकाइए और मिठास जैसे गुड़ या खट्टे फलों का रस बहुत गर्म दूध में न डालिए। यदि दूध फट जाए तो ब्लेंडर में चिकना पीस लेने से कुछ हद तक सुधार हो जाता है, पर बनावट पहले जैसी नहीं रहती। ताज़े और सही तापमान पर पकाए दूध में यह समस्या नहीं आती।
बच्चों को बादाम दूध कितना दें?
एक साल से बड़े बच्चों को, यदि उन्हें दूध और नट एलर्जी नहीं है, आधा से एक छोटा गिलास (100 से 150 मिली) बादाम दूध दिया जा सकता है। बादाम को बारीक पीसकर और दूध को अच्छी तरह छानकर दीजिए ताकि टुकड़े गले में न अटकें। चीनी कम रखिए और खजूर से मिठास दीजिए। रोज़ देने से पहले अपने बाल रोग विशेषज्ञ से पूछ लें, खासकर यदि बच्चे को एलर्जी का इतिहास हो। यह बच्चे के कुल आहार का एक छोटा हिस्सा होना चाहिए, पूरा विकल्प नहीं।
क्या बादाम दूध वज़न घटाने में मदद करता है?
बादाम दूध वज़न घटाने में सीधी मदद नहीं करता, क्योंकि उसमें दूध और बादाम से कैलोरी आती है। पर बिना चीनी या कम चीनी के साथ, टोंड दूध में, एक छोटा गिलास मीठे स्नैक या बिस्किट की जगह लेने पर सहायक हो सकता है, क्योंकि प्रोटीन और वसा तृप्ति देते हैं। वज़न घटाने वाले इसे अपनी दैनिक कैलोरी में गिनें और सुबह या दोपहर के स्नैक के रूप में लें। चीनी वाला फुल क्रीम बादाम दूध कैलोरी बढ़ाता है, इसलिए सावधान रहिए।
बादाम दूध का पाउडर कितने दिन चलता है?
घर पर बनाया गया बादाम दूध पाउडर (बादाम, सौंफ, इलायची, केसर और चीनी का मिश्रण) हवाबंद काँच के डिब्बे में फ्रिज में 2 से 3 सप्ताह तक अच्छा रहता है। कमरे के तापमान पर, खासकर गर्मियों में, बादाम की वसा के बासी होने का खतरा रहता है, इसलिए 1 सप्ताह से अधिक न रखें। पाउडर में नमी न जाए, इसके लिए सूखे चम्मच का प्रयोग कीजिए। यदि कड़वी या तेल जैसी गंध आए तो पाउडर फेंक दीजिए। छोटे बैच बनाना बेहतर है।
निष्कर्ष
बादाम दूध में छिले और भीगे बादाम बारीक पीसिए, धीमी आँच पर दूध में पकाइए और केसर-इलायची डालिए। चीनी की जगह खजूर, और बादाम पाउडर पहले से बनाकर रखने से यह हर रोज़ आसान बन जाता है।
