नवरात्रि और अन्य उपवासों में खीर खाने की इच्छा होती है, पर चावल वाली खीर व्रत में वर्जित है। इसका सुंदर विकल्प है मखाने की खीर, जो हल्की, मलाईदार और पाचन के अनुकूल होती है। मखाना व्रत में खाया जाने वाला पवित्र और पौष्टिक आहार माना जाता है, और दूध के साथ पकाने पर वह कोमल और स्वादिष्ट खीर बन जाता है। मखाने की खीर की रेसिपी में मुख्य बातें हैं मखाने को घी में हल्का भूनना, दूध को धीमी आँच पर गाढ़ा करना और मेवों का संतुलित प्रयोग। इस लेख में हम सामग्री, चरण-दर-चरण विधि, कुरकुरे-बनाम-नरम मखाने के सुझाव, कम चीनी के विकल्प, व्रत के नियम, पोषण और भंडारण बताएँगे। रेसिपी 4 सर्विंग के लिए है और लगभग 35 मिनट में बनती है।
संक्षिप्त उत्तर: मखाने को घी में हल्का भूनकर कूट लीजिए, दूध को धीमी आँच पर आधा करिए, मखाने डालकर 10 से 12 मिनट नरम होने तक पकाइए, फिर चीनी (या खजूर), भुने मेवे, केसर और इलायची मिलाइए। 4 सर्विंग में प्रति सर्विंग लगभग 250 से 300 कैलोरी होती है। व्रत के लिए सेंधा नमक या अनाज रहित सामग्री का ही प्रयोग कीजिए।

सामग्री
| सामग्री | मात्रा | टिप्पणी |
|---|---|---|
| मखाना (3 सूता) | 1 कप (लगभग 20 ग्राम) | साफ़, कुरकुरा |
| फुल क्रीम दूध | 1 लीटर | गाढ़ेपन के लिए |
| चीनी या खजूर पेस्ट | 4 से 5 बड़े चम्मच | स्वादानुसार |
| बादाम | 1 बड़ा चम्मच | कटे |
| काजू | 1 बड़ा चम्मच | कटे |
| घी | 1 चम्मच | मखाने भूनने के लिए |
| केसर, इलायची | 8 धागे, 1/2 चम्मच | सुगंध |
व्रत और त्योहारों के लिए इसी रेसिपी का विस्तृत संस्करण मखाना खीर व्रत-त्योहार रेसिपी में देखें। मखाने के प्रकार के लिए मखाना सूता क्या होता है पढ़ें।
बनाने की विधि
- मखाने भूनें
कड़ाही में घी गरम करके मखाने धीमी आँच पर 4 से 5 मिनट भूनिए, जब तक वे कुरकुरे न हो जाएँ। थोड़ा ठंडा करके हाथ से तोड़ या मोटा कूट लीजिए। - दूध पकाएँ
भारी तले के बर्तन में दूध को धीमी आँच पर 20 मिनट पकाइए, चलाते रहिए, जब तक वह लगभग तीन चौथाई न रह जाए। - मखाने डालें
कुटे मखाने दूध में डालकर 10 से 12 मिनट पकाइए, जब तक वे नरम और मलाईदार न हो जाएँ। - मेवे और मिठास
बादाम-काजू घी में हल्का भूनकर डालिए। फिर चीनी या खजूर पेस्ट मिलाकर 3 से 4 मिनट पकाइए। - स्वाद जोड़ें
केसर और इलायची डालिए, आँच बंद करके 5 मिनट ढक दीजिए। - परोसें
गर्म या ठंडी, ऊपर से कटे पिस्ता से सजाकर परोसिए।
व्रत के लिए सावधानियाँ
- केवल व्रत में अनुमत सामग्री (मखाना, दूध, चीनी/गुड़, मेवे, केसर, इलायची) प्रयोग कीजिए।
- मखाना भूनने के लिए घी का प्रयोग कीजिए, तेल का नहीं।
- नमक चाहिए तो सेंधा नमक का प्रयोग करें; मीठी खीर में आमतौर पर नमक नहीं डाला जाता।
- खीर में चावल या सूजी न डालें।
- सभी बर्तन साफ़ और व्रत के नियमों के अनुकूल हों।
व्रत के अन्य विकल्पों के लिए नवरात्रि व्रत के ड्राई फ्रूट्स और नवरात्रि व्रत में ड्राई फ्रूट्स देखें।
बनावट और स्वाद के सुझाव
मखाने को पूरा डालने की बजाय मोटा कूटने से खीर में मलाईदार और गाढ़ापन आता है। कुछ साबुत मखाने ऊपर से डालने पर कुरकुरापन भी मिलता है। दूध को पर्याप्त पकाने से खीर स्वाभाविक रूप से गाढ़ी होती है, इसलिए कॉर्नफ्लोर की ज़रूरत नहीं पड़ती। मिठास के लिए चीनी की जगह खजूर पेस्ट या मिश्री भी अच्छी लगती है। कम चीनी वाली खीर के लिए खजूर चुनिए; देखें खजूर खाने के नुकसान मात्रा के लिए।
पोषण
100 ग्राम मखाने में लगभग 347 कैलोरी और 9.7 ग्राम प्रोटीन होता है, पर खीर में उसकी मात्रा कम होती है, इसलिए पोषण अधिकतर दूध और मेवों से आता है। एक सर्विंग में लगभग 250 से 300 कैलोरी, 9 ग्राम प्रोटीन और 280 मिग्रा कैल्शियम मिल सकता है। मखाना कम सोडियम वाला और ग्लूटेन-रहित है। विस्तृत जानकारी के लिए मखाना के फायदे और पोषण पढ़ें, और पोषण आँकड़े USDA FoodData Central पर देखें।
भंडारण
खीर को ठंडा करके फ्रिज में हवाबंद डिब्बे में रखें और 1 से 2 दिन में खा लें। गर्म करने पर थोड़ा दूध मिलाइए, क्योंकि खीर ठंडी होकर गाढ़ी हो जाती है। कमरे के तापमान पर 2 घंटे से अधिक न रखें। मखाने जल्दी नरम होते हैं, इसलिए यदि आप कुरकुरे मखाने पसंद करते हैं तो परोसते समय अंत में डालें। आहार संबंधी सामान्य जानकारी के लिए राष्ट्रीय पोषण संस्थान देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या मखाने की खीर व्रत में खा सकते हैं?
हाँ, मखाने की खीर व्रत और उपवास में खाई जा सकती है, क्योंकि मखाना, दूध, चीनी या गुड़, मेवे, केसर और इलायची व्रत में अनुमत सामग्री मानी जाती हैं। चावल, सूजी या अन्य अनाज न डालिए। मखाने भूनने के लिए घी का प्रयोग कीजिए और व्रत के नियमों के अनुसार शुद्ध बर्तन प्रयोग कीजिए। परंपराएँ और नियम अलग-अलग क्षेत्रों में थोड़े भिन्न हो सकते हैं, इसलिए अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री की जाँच कर लीजिए।
मखाने की खीर में मखाना नरम कितनी देर में होता है?
मखाने को घी में भूनकर और मोटा कूटकर गर्म दूध में डालने पर वह लगभग 10 से 12 मिनट में नरम और मलाईदार हो जाता है। यदि आप साबुत मखाने डालते हैं तो उन्हें थोड़ा अधिक समय, लगभग 15 मिनट, चाहिए। अधिक देर पकाने से मखाने घुलकर खीर को गाढ़ा करते हैं। यदि खीर बहुत गाढ़ी हो जाए तो थोड़ा गर्म दूध मिलाइए। नरमी की जाँच के लिए एक मखाना निकालकर दबाकर देखिए; वह आसानी से मसला जाना चाहिए।
मखाने की खीर में चीनी की जगह क्या डाल सकते हैं?
चीनी की जगह मिश्री, गुड़ (खीर बंद करने के बाद) या बीज रहित खजूर का पेस्ट डाला जा सकता है। खजूर खीर को हल्का कैरेमल जैसा स्वाद और रंग देते हैं, और मिश्री व्रत में पारंपरिक विकल्प है। गुड़ को अंत में, खीर को थोड़ा ठंडा करके डालिए ताकि दूध न फटे। डायबिटीज़ वाले लोग मिठास की मात्रा कम रखें और डॉक्टर की सलाह से ही सेवन करें। प्राकृतिक मिठास के विकल्प स्वाद बदलते हैं, इसलिए धीरे-धीरे आज़माइए।
क्या मखाने की खीर वज़न घटाने वालों के लिए ठीक है?
मखाने की खीर में दूध, चीनी और मेवों से कैलोरी आती है, इसलिए यह वज़न घटाने वालों के लिए हल्की मिठाई तो है, पर कैलोरी-मुक्त नहीं। छोटा कटोरा (100 से 120 ग्राम) और कम चीनी के साथ यह रोज़ की मिठाई की जगह लिया जा सकता है। टोंड या कम वसा वाला दूध प्रयोग कर सकते हैं। मखाने का फाइबर और प्रोटीन तृप्ति देता है। इसे उपवास या त्योहारों के आनंद के रूप में लीजिए, न कि रोज़ का नियम।
बच्चे मखाने की खीर खा सकते हैं?
हाँ, बच्चे मखाने की खीर खा सकते हैं, यदि उन्हें दूध या नट एलर्जी न हो। छोटे बच्चों के लिए मखाने और मेवे बारीक पीसकर डालिए, ताकि गले में अटकने का खतरा न रहे। चीनी कम रखिए और खजूर का प्रयोग कर सकते हैं। एक छोटी कटोरी पर्याप्त है। मखाना हल्का और पचने में आसान होता है, इसलिए बच्चों के लिए उपयुक्त है। एलर्जी का इतिहास हो तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें, और एक बार में नई चीज़ें न जोड़ें।
खीर में मखाने कुरकुरे कैसे रखें?
यदि आप खीर में कुरकुरे मखाने चाहते हैं तो कुछ मखाने घी में अलग से कुरकुरे भूनकर रख लीजिए और परोसने से ठीक पहले ऊपर से डालिए। खीर में पकने वाले मखाने नरम होंगे, पर ऊपर से डाले मखाने कुछ देर कुरकुरे रहेंगे। उन्हें हवाबंद डिब्बे में रखें ताकि नमी न सोखें। यह बनावट का मज़ेदार विरोधाभास देता है। परोसने के बाद भी मखाने कुछ मिनट में नरम पड़ जाते हैं, इसलिए जल्दी परोसिए। बची खीर में कुरकुरापन नहीं रहेगा।
निष्कर्ष
मखाने की खीर हल्की, पौष्टिक और व्रत के अनुकूल है। मखाने को घी में भूनिए, दूध धीमी आँच पर गाढ़ा कीजिए और मिठास के लिए खजूर या मिश्री का विकल्प अपनाइए।
